रणनीतिक तौर पर मिसामारी एयर बेस पर प्रचंड के पहले स्क्वाडर्न से पूर्वी लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं की पहरेदारी होगी और ड्रैगन की हर चाल पर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
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| Image Credit Source: PTI |
LAC पर भारत और चीन में बढ़ती खींचतान के बीच भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश में अपने पहले एविएशन ब्रिगेड को अपग्रेड कर रही है. LCH प्रचंड की तैनाती से भारतीय सेना को पूर्वोत्तर सीमा पर और ज्यादा मजबूती मिलेगी. भारतीय सेना की इस एविएशन ब्रिगेड में ALH हेलीकॉप्टर रुद्र, अनमैंड एरियल व्हीकल और कई तरह के अत्यधिक सर्वेलेन्स मशीन मौजूद हैं. अब प्रचंड की तैनाती भारतीय सेना को इस लोकेशन पर और मजबूती देगी. रणनीतिक तौर पर मिसामारी एयर बेस पर प्रचंड के पहले स्क्वाडर्न से पूर्वी लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं की पहरेदारी होगी और ड्रैगन की हर चाल पर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
प्रचंड’ हेलीकॉप्टर की खासियत
इस हेलीकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है
इसमें कई तरह की मिसाइलें और हथियार लगाए जा सकते हैं
हेलीकॉप्टर में अनगाइडेड बम और ग्रेनेड लॉन्चर भी लगाए जा सकते हैं
लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर एक बार में लगातार 3 घंटे 10 मिनट उड़ सकता है
यह अधिकतम 6500 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है
प्रचंड हेलीकॉप्टर 268 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है
इसकी रेंज की बात करें तो यह 550 किलोमीटर हैं
इस हेलीकॉप्टर की लंबाई 51.10 फीट और ऊंचाई 15.5 फीट है
दो इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर से पहले ही कई हथियारों के इस्तेमाल का परीक्षण किया जा चुका है
इसमें राडार से बचने की विशेषता, बख्तर सुरक्षा प्रणाली, रात को हमला करने और आपात स्थिति में सुरक्षित उतरने की क्षमता है
यह लद्दाख की भीषण ठंड में भी अटैक ऑपरेशंस को अंजाम दे सकता है और अरुणाचल के बारिश और बादल वाले मौसम में भी कारगर है
इंडक्शन में शामिल हो सकते हैं राजनाथ
सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 15 नवंबर को मिसामारी में LCH प्रचंड को औपचारिक रूप से भारतीय सेना में इंडक्ट कराएंगे और इसी के साथ एलसीएच के पहले स्क्वाडर्न की भी शुरुआत हो जाएगी. इससे पहले, 3 अक्टूबर को जोधपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रचंड को भारतीय वायुसेना में शामिल कराया था.
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